आजकल सुबह की सैर के दौरान पार्क में हमारे जैसे बुजुर्गों की महफिल जमती है। बंगाल चुनाव के सर्वेक्षणों (Surveys) पर चर्चा हो रही थी और सभी इस बात पर एकमत थे कि—ज्यादातर एग्जिट पोल गलत साबित होते हैं।
हमारे बीच एक सज्जन थे जो स्कूल में शिक्षक थे। वे बोले, "एग्जिट पोल क्यों गलत होते हैं, इस पर मैंने एक बार कक्षा में प्रयोग किया था।" जब हरियाणा चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल के अनुमानों के विपरीत आए थे, तब विद्यार्थियों ने इसके बारे में सवाल पूछा था। शिक्षक ने इसे व्यावहारिक रूप से (Practically) समझाने का फैसला किया।
प्रयोग की विधि:
कक्षा में 42 विद्यार्थी चार पंक्तियों में बैठे थे। शिक्षक ने दो लड़कों को पास बुलाया। एक को ब्लैकबोर्ड पर 'एग्जिट पोल', 'चुनाव परिणाम', 'पार्टी अ' और 'पार्टी ब' का एक चार्ट बनाने को कहा। दूसरे ने शिक्षक द्वारा दिए गए कागजों से 40 मतपत्र (Ballot papers) बनाए। विद्यार्थियों ने उन पर अपनी पसंद दर्ज की और उन्हें मोड़कर शिक्षक को दे दिया।
इसके बाद, शिक्षक ने एक विद्यार्थी से उनमें से 10 मतपत्र चुनने को कहा—यह 'एग्जिट पोल' था। इसमें कुल मतों का लगभग 20% नमूना (Sample) शामिल था। एक विद्यार्थी ने उन मतपत्रों को खोला और आंकड़े बोर्ड पर लिखे: 'अ' को 4 वोट और 'ब' को 6 वोट मिले। यानी एग्जिट पोल के अनुसार 'ब' दो-तिहाई बहुमत से जीतने वाला था।
चौंकाने वाला परिणाम:
इसके बाद सभी मतपत्रों की गिनती की गई। असली नतीजा हैरान करने वाला था—'अ' को 22 वोट (55%) और 'ब' को 18 वोट (45%) मिले। 20% बड़ा नमूना होने के बावजूद एग्जिट पोल पूरी तरह गलत साबित हुआ!
निष्कर्ष:
जरा सोचिए, हमारे देश के अधिकांश राज्यों में करोड़ों मतदाता होते हैं (कई राज्यों में 5 करोड़ से अधिक)। यदि कोई एग्जिट पोल एजेंसी 50 हजार से 2 लाख मतदाताओं का डेटा लेती है, तो वह कुल मतदान के पाव प्रतिशत (0.25%) से भी कम होता है। डेटा चाहे कितनी भी वैज्ञानिक पद्धति से इकट्ठा किया जाए, इतने कम नमूने पर एग्जिट पोल के सही होने की संभावना नगण्य होती है।
दरअसल, एग्जिट पोल करने वाले केवल 'हवा' को पहचानने की कोशिश करते हैं और उसी आधार पर अंदाजा लगाते हैं। उन्हें हम 'कुंडली देखने वाले ज्योतिषी' भी कह सकते हैं! विद्यार्थियों का समाधान हो गया। उन्हें समझ आ गया कि एग्जिट पोल केवल मनोरंजन है। किसी संस्था का अनुमान इत्तेफाक से सही निकल सकता है, लेकिन उससे अधिक उसका कोई महत्व नहीं है।


