एक दिन अलादीन अपनी कार से महानगर पहुंचा. महानगर में सैकड़ो कल कारखाने थे, जिनकी चिमनियाँ धुंआ उगल रही थी. लाखों कारें भी प्रदूषित वायु वातावरण में छोड़ रही थी. शहर के धुएं से अलादीन का दम घुटने लगा. उसने बोतल का ढक्कन खोला. जिन्न हाथ बांधकर अलादीन से बोला, क्या हुक्म है मेरे आका. अलादीन ने कहा जिन्न क्या तुम इस प्रदूषण को जड़ से मिटा सकते हो? हां, मेरे आका,लेकिन इसकी इंसान को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. अलादीन बोला, मुझे मंजूर है, तुम प्रदूषण को जड़ से खत्म करो. जिन्न ने तत्काल अलादीन का गला घोट दिया. उसीके साथ दुनिया इंसान खत्म हो गया. इंसान के खत्म होते ही प्रदूषण भी जड़ से खत्म हो गया. जिन्न भी आज़ाद हो गया. धरती फिर से हरी भरी हो गई. पशु पक्षी जानवर सभी धरती पर हंसी खुशी रहने लगे
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