मन में द्वंद है
खुद से ही युद्ध है
फिर शांति कहाँ.
सपने दिखाता है
खुद को ही ठगता है
चंचल मन.
फिर शांति कहाँ.
सपने दिखाता है
खुद को ही ठगता है
चंचल मन.
ओम् नमो नमो नम: स्वच्छता देवताय नम: प्रार्थना पहले शुभ्र वस्त्र धारण करें फिर डिजाईनर झाडू खरीदें मिडिया को भी आमंत...
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