एक भारतीय नेता जिंदगीभर सत्ता का सुख भोगकर, मरने के बाद चित्रगुप्त के दरबार पहुंचा। चित्रगुप्त ने नेता से कहा तुम्हारे कर्मों के हिसाब के अनुसार तुम्हारी इच्छित पशु योनि में अगला जन्म मिलेगा। अब बताओ तुम क्या बनना चाहते हो, शेर, चीता या हाथी। नेता ने कहा, ऐसा है तो प्रभु मुझे गिरगिट के रूप में नया जन्म मिले। चित्रगुप्त ने कहा, तथास्तु। लेकिन एक बात बताओ शेर, चीता और हाथी जैसे बड़े शक्तिशाली जानवर छोड़ तुम गिरगिट ही क्यों बनाना चाहते हो। नेता ने मुस्कराते हुए कहा शेर, चीता और हाथी जैसे बड़े जीव जंगल का राजा बनने के लिए सदा लड़ते रहते हैं। सब कुछ होते हुए भी वे कभी चैन की नींद नहीं सोते। लेकिन जंगल का राजा कोई भी हो गिरगिट को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जंगल में भी गिरगिट जिंदगी भर मौज करेगा।
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