जिंदगी क्या है?
वसंत के सुहाने सपने
ग्रीष्म का कठोर संघर्ष
बरसाती वादे प्यार के
शरद की चांदनी सा संसार .
या
बितता है समय केवल
पतझड़ के इंतजार में!
ओम् नमो नमो नम: स्वच्छता देवताय नम: प्रार्थना पहले शुभ्र वस्त्र धारण करें फिर डिजाईनर झाडू खरीदें मिडिया को भी आमंत...
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