हवा में तैरकर
संजीवनी बूटी आई
प्राण बचे
लक्ष्मण के.
हवा में तैरकर
स्मागी चुड़ैल आई
प्राण हरे
निष्पाप जनों के.
ओम् नमो नमो नम: स्वच्छता देवताय नम: प्रार्थना पहले शुभ्र वस्त्र धारण करें फिर डिजाईनर झाडू खरीदें मिडिया को भी आमंत...
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