यदि कहीं में नेता होता
रोज ही झूठा वादा करता
नोट खुदा से नाता जुड़ता
स्विस बैंक में खाता खुलता.
यदि कहीं में कवी होता
कोई श्रोता मुझे न मिलता.
अपनी कविता खुद ही सुनता
जोर जोर से दाद भी देता.
ओम् नमो नमो नम: स्वच्छता देवताय नम: प्रार्थना पहले शुभ्र वस्त्र धारण करें फिर डिजाईनर झाडू खरीदें मिडिया को भी आमंत...
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